बाड़मेर में ठेकेदार भजनलाल विश्नोई के ठिकानों पर इनकम टैक्स का छापा, दफ्तर में दस्तावेजों की गहन जांच जारी
बाड़मेर में प्रमुख ठेकेदार भजनलाल विश्नोई की फर्म 'M/s Bhajan Lal Vishnoi Const. Co.' पर आयकर विभाग (IT) की बड़ी छापेमारी। अचानक पहुंची टीम ने दफ्तर में दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू की। पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट ख़बर रफ़्तार 24 पर।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर से इस समय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने एक बड़े ठेकेदार के ठिकानों पर अचानक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस से जुड़े माने जाने वाले प्रमुख ठेकेदार भजनलाल विश्नोई की फर्म 'M/s Bhajan Lal Vishnoi Const. Co.' के कार्यालय और ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ छापा मारा है। अचानक हुई इस छापेमारी के बाद बाड़मेर के कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में भारी हड़कंप मच गया है।
'ख़बर रफ़्तार 24' की इस विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई कब शुरू हुई, जांच दल किन दस्तावेजों की पड़ताल कर रहा है, और इस कार्रवाई के क्या सियासी व कारोबारी मायने निकाले जा रहे हैं।
दोपहर 2 बजे अचानक पहुंची टीमें, गेट बंद कर शुरू की पड़ताल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम करीब 4 गाड़ियों के काफिले के साथ मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे ठेकेदार भजनलाल विश्नोई के दफ्तर पहुंची। टीम के अचानक पहुंचते ही परिसर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों और संबंधित लोगों को अंदर ही रोककर उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए और वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, संपत्तियों और निर्माण कार्यों से जुड़े सभी कागजातों की सघन जांच शुरू कर दी। शाम 5:30 बजे के बाद भी यह कार्रवाई लगातार जारी रही और आयकर अधिकारी फाइलों, बही-खातों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क का बारीकी से विश्लेषण करने में जुटे रहे।
जांच के दायरे में क्या-क्या शामिल है?
आयकर विभाग की इस छापेमारी का मुख्य फोकस वित्तीय अनियमितताओं और अघोषित आय (Undisclosed Income) का पता लगाना है:
सरकारी व गैर-सरकारी टेंडरों का ऑडिट: फर्म द्वारा पिछले कुछ वर्षों में लिए गए सड़क निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सरकारी व निजी प्रोजेक्ट्स के टेंडरों के बिलों और खर्चों की पड़ताल की जा रही है।
कच्चे बिल और सब-कॉन्ट्रैक्टिंग: जांच अधिकारी इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या निर्माण कार्यों में सब-कॉन्ट्रैक्टिंग या फर्जी फर्मों के जरिए बोगस बिलिंग तो नहीं की गई।
संपत्ति व निवेश के रिकॉर्ड: ठेकेदार और उनकी फर्म से जुड़े बैंक खातों, अचल संपत्तियों में निवेश, बेनामी संपत्तियों और नकदी लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज
भजनलाल विश्नोई बाड़मेर जिले के एक प्रमुख संवेदक (ठेकेदार) हैं और उनका नाम स्थानीय स्तर पर काफी रसूखदार माना जाता है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित 'संविधान सद्भावना यात्रा' के दौरान भी उनकी सक्रियता देखी गई थी, जहां उनकी ओर से एक बड़े भोजन (भोज) कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था।
यही वजह है कि इस छापेमारी को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह एक विशुद्ध वित्तीय जांच (Financial Investigation) है, जिसका फैसला दस्तावेजों और लेन-देन के सबूतों के आधार पर ही होगा।
जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा पूरा सच
फिलहाल आयकर विभाग की यह सर्च और सर्वे कार्रवाई जारी है। विभागीय अधिकारियों ने अभी तक किसी भी प्रकार की बरामदगी, नकदी या बेनामी संपत्ति के आधिकारिक आंकड़ों का खुलासा नहीं किया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी पंचनामे तैयार होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस छापेमारी में कितनी अघोषित संपत्ति या टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं।
निष्कर्ष
बाड़मेर में बड़े ठेकेदार के प्रतिष्ठान पर आयकर विभाग की यह अचानक कार्रवाई इस समय पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। आने वाले समय में जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई और आंकड़े स्पष्ट हो पाएंगे।
(अस्वीकरण: 'ख़बर रफ़्तार 24' इस खबर में दी गई सटीक जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह पूरी रिपोर्ट सूत्रों के हवाले से मिली प्रारंभिक जानकारी और वायरल वीडियो के आधार पर आप तक पहुंचाई गई है।)
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